भद्रा काल

आज भद्रा कब तक है?

हिंदू धर्म में कोई भी शुभ कार्य को करने के लिए शुभ मुहूर्त का देखा जाना अनिवार्य है। इसलिए जब कोई शुभ मुहूर्त देखा जाता है। तो उसमें भद्रा काल का भी विचार किया जाता है। की आज भद्रा कब तक है? इसलिए आज भद्रा काल के बारे में जानेंगे।

भद्रा काल (विष्टि करण) जनवरी 2021

प्रारंभ समाप्त
शुक्रवार
1 जनवरी 2021
21:26:38 बजे
शनिवार
2 जनवरी 2021
09:11:42 बजे
मंगलवार
5 जनवरी 2021
05:48:44 बजे
मंगलवार
5 जनवरी 2021
16:59:05 बजे
शुक्रवार
8 जनवरी 2021
10:52:15 बजे
शुक्रवार
8 जनवरी 2021
21:42:31 बजे
सोमवार
11 जनवरी 2021
14:34:34 बजे
मंगलवार
12 जनवरी 2021
01:27:49 बजे
शनिवार
16 जनवरी 2021
19:53:29 बजे
रविवार
17 जनवरी 2021
08:10:14 बजे
बुधवार
20 जनवरी 2021
13:16:36 बजे
गुरुवार
21 जनवरी 2021
02:32:42 बजे
रविवार
24 जनवरी 2021
10:02:34 बजे
रविवार
24 जनवरी 2021
22:59:32 बजे
गुरुवार
28 जनवरी 2021
01:18:48 बजे
गुरुवार
28 जनवरी 2021
13:07:27 बजे
रविवार 31 जनवरी 2021 09:22:06 बजे रविवार 31 जनवरी 2021 20:26:14 बजे

भद्रा काल (विष्टि करण) फरवरी 2021

प्रारंभ समाप्त
बुधवार
3 फरवरी 2021
14:13:54 बजे
गुरुवार
4 फरवरी 2021
‌ 01:11:09 बजे
शनिवार
6 फरवरी 2021
19:20:43 बजे
रविवार
7 फरवरी 2021
06:28:09 बजे
बुधवार
10 फरवरी 2021
02:07:14 बजे
बुधवार
10 फरवरी 2021
13:36:29 बजे
सोमवार
15 फरवरी 2021
14:45:40 बजे
मंगलवार
16 फरवरी 2021
03:38:53 बजे
शुक्रवार
19 फरवरी 2021
10:59:47 बजे
शनिवार
20 फरवरी 2021
00:18:24 बजे
मंगलवार
23 फरवरी 2021
05:48:30 बजे
मंगलवार
23 फरवरी 2021
18:07:03 बजे
शुक्रवार
26 फरवरी 2021
15:51:46 बजे
शनिवार
27 फरवरी 2021
02:53:58 बजे

भद्रा काल (विष्टि करण) मार्च 2021

प्रारंभ समाप्त
सोमवार
1 मार्च 2021
19:13:06 बजे
मंगलवार
2 मार्च 2021
05:48:15 बजे
गुरुवार
4 मार्च 2021
22:00:58 बजे
शुक्रवार
5 मार्च 2021
08:56:19 बजे
सोमवार
8 मार्च 2021
04:15:09 बजे
सोमवार
8 मार्च 2021
15:46:19 बजे
गुरुवार
11 मार्च 2021
14:41:39 बजे
शुक्रवार
12 मार्च 2021
02:50:03 बजे
बुधवार
17 मार्च 2021
10:13:49 बजे
बुधवार
17 मार्च 2021
23:30:46 बजे
रविवार
21 मार्च 2021
07:11:36 बजे
रविवार
21 मार्च 2021
20:11:24 बजे
बुधवार
24 मार्च 2021
22:13:56 बजे
गुरुवार
25 मार्च 2021
09:49:27 बजे
रविवार
28 मार्च 2021
03:29:11 बजे
रविवार
28 मार्च 2021
13:56:57 बजे
बुधवार
31 मार्च 2021
03:47:42 बजे
बुधवार
31 मार्च 2021
14:08:32 बजे

भद्रा काल (विष्टि करण) अप्रैल 2021

प्रारंभसमाप्त
शनिवार
3 अप्रैल 2021
06:00:59 बजे
शनिवार
3 अप्रैल 2021
17:03:59 बजे
मंगलवार
6 अप्रैल 2021
14:12:10 बजे
बुधवार
7 अप्रैल 2021
02:11:08 बजे
शनिवार
10 अप्रैल 2021
04:29:44 बजे
शनिवार
10 अप्रैल 2021
17:14:42 बजे
शुक्रवार
16 अप्रैल 2021
04:49:05 बजे
शुक्रवार
16 अप्रैल 2021
18:07:38 बजे
मंगलवार
20 अप्रैल 2021
00:02:58 बजे
मंगलवार
20 अप्रैल 2021
12:30:00 बजे
शुक्रवार
23 अप्रैल 2021
10:49:44 बजे
शुक्रवार
23 अप्रैल 2021
21:50:04 बजे
सोमवार
26 अप्रैल 2021
12:46:12 बजे
सोमवार
26 अप्रैल 2021
22:55:50 बजे
गुरुवार
29 अप्रैल 2021
11:51:47 बजे
गुरुवार
29 अप्रैल 2021
‌22:12:09 बजे

भद्रा काल (विष्टि करण) मई 2021

प्रारंभसमाप्त
रविवार
2 मई 2021
14:52:24 बजे
सोमवार
3 मई 2021
02:11:50 बजे
गुरुवार
6 मई 2021
01:44:03 बजे
गुरुवार
6 मई 2021
14:12:53 बजे
रविवार
9 मई 2021
19:32:57 बजे
सोमवार
10 मई 2021
08:43:48 बजे
शनिवार
15 मई 2021
21:04:59 बजे
रविवार
16 मई 2021
10:02:42 बजे
बुधवार
19 मई 2021
12:51:57 बजे
गुरुवार
20 मई 2021
00:44:08 बजे
शनिवार
22 मई 2021
20:06:06 बजे
रविवार
23 मई 2021
06:45:12 बजे
मंगलवार
25 मई 2021
20:31:40 बजे
बुधवार
26 मई 2021
06:38:35 बजे
शुक्रवार
28 मई 2021
20:03:31 बजे
शनिवार
29 मई 2021
06:35:49 बजे

भद्रा काल (विष्टि करण) जून 2021

प्रारंभसमाप्त
मंगलवार
1 जून 2021
01:08:10 बजे
मंगलवार
1 जून 2021
12:52:30 बजे
शुक्रवार
4 जून 2021
15:13:25 बजे
शनिवार
5 जून 2021
04:09:58 बजे
मंगलवार
8 जून 2021
11:26:54 बजे
बुधवार
9 जून 2021
00:44:27 बजे
सोमवार
14 जून 2021
10:12:55 बजे
सोमवार
14 जून 2021
22:36:11 बजे
गुरुवार
17 जून 2021
22:02:00 बजे
शुक्रवार
18 जून 2021
09:26:02 बजे
सोमवार
21 जून 2021
03:01:30 बजे
सोमवार
21 जून 2021
13:33:42 बजे
गुरुवार
24 जून 2021
03:34:39 बजे
गुरुवार
24 जून 2021
13:52:01 बजे
रविवार
27 जून 2021
05:00:22 बजे
रविवार
27 जून 2021
15:56:19 बजे
बुधवार
30 जून 2021
13:20:56 बजे
गुरुवार
1 जुलाई 2021
01:36:48 बजे

भद्रा काल (विष्टि करण) जुलाई 2021

प्रारंभसमाप्त
रविवार
4 जुलाई 2021
06:43:25 बजे
रविवार
4 जुलाई 2021
19:58:05 बजे
गुरुवार
8 जुलाई 2021
03:23:00 बजे
गुरुवार
8 जुलाई 2021
16:24:03 बजे
मंगलवार
13 जुलाई 2021
20:18:49 बजे
बुधवार
14 जुलाई 2021
08:04:50 बजे
शनिवार
17 जुलाई 2021
04:36:16 बजे
शनिवार
17 जुलाई 2021
15:42:13 बजे
मंगलवार
20 जुलाई 2021
08:41:57 बजे
मंगलवार
20 जुलाई 2021
19:19:22 बजे
शुक्रवार
23 जुलाई 2021
10:45:30 बजे
शुक्रवार
23 जुलाई 2021
21:25:00 बजे
सोमवार
26 जुलाई 2021
15:26:21 बजे
मंगलवार
27 जुलाई 2021
02:56:47 बजे
शुक्रवार
30 जुलाई 2021
03:57:09 बजे
शुक्रवार
30 जुलाई 2021
16:45:41 बजे

भद्रा काल (विष्टि करण) अगस्त 2021

प्रारंभसमाप्त
सोमवार
2 अगस्त 2021
23:47:26 बजे
मंगलवार
3 अगस्त 2021
13:02:29 बजे
शुक्रवार
6 अगस्त 2021
18:30:33 बजे
शनिवार
7 अगस्त 2021
06:56:32 बजे
गुरुवार
12 अगस्त 2021
04:13:25 बजे
गुरुवार
12 अगस्त 2021
15:27:01 बजे
रविवार
15 अगस्त 2021
09:53:20 बजे
रविवार
15 अगस्त 2021
20:51:05 बजे
बुधवार
18 अगस्त 2021
14:15:06 बजे
गुरुवार
19 अगस्त 2021
01:07:49 बजे
शनिवार
21 अगस्त 2021
19:02:22 बजे
रविवार
22 अगस्त 2021
06:14:56 बजे
बुधवार
25 अगस्त 2021
04:08:57 बजे
बुधवार
25 अगस्त 2021
16:21:00 बजे
शनिवार
28 अगस्त 2021
20:59:22 बजे
रविवार
29 अगस्त 2021
10:12:01 बजे

भद्रा काल (विष्टि करण) सितंबर 2021

प्रारंभसमाप्त
बुधवार
1 सितंबर 2021
17:29:16 बजे
गुरुवार
2 सितंबर 2021
06:24:23 बजे
रविवार
5 सितंबर 2021
08:23:26 बजे
रविवार
5 सितंबर 2021
20:06:39 बजे
शुक्रवार
10 सितंबर 2021
11:10:19 बजे
शुक्रवार
10 सितंबर 2021
21:59:42 बजे
सोमवार
13 सितंबर 2021
15:12:51 बजे
मंगलवार
14 सितंबर 2021
02:11:01 बजे
गुरुवार
16 सितंबर 2021
20:52:20 बजे
शुक्रवार
17 सितंबर 2021
08:09:45 बजे
सोमवार
20 सितंबर 2021
05:30:29 बजे
सोमवार
20 सितंबर 2021
17:24:52 बजे
गुरुवार
23 सितंबर 2021
19:40:06 बजे
शुक्रवार
24 सितंबर 2021
08:32:13 बजे
सोमवार
27 सितंबर 2021
15:46:07 बजे
मंगलवार
28 सितंबर 2021
05:04:32 बजे
आज भद्रा कब तक है?

भद्रा काल (विष्टि करण) अक्टूबर 2021

प्रारंभसमाप्त
शुक्रवार
1 अक्टूबर 2021
10:44:16 बजे
शुक्रवार
1 अक्टूबर 2021
23:05:55 बजे
सोमवार
4 अक्टूबर 2021
21:07:41 बजे
मंगलवार
5 अक्टूबर 2021
08:11:13 बजे
शनिवार
9 अक्टूबर 2021
18:23:05 बजे
रविवार
10 अक्टूबर 2021
04:57:28 बजे
मंगलवार
12 अक्टूबर 2021
21:49:38 बजे
बुधवार
13 अक्टूबर 2021
08:56:47 बजे
शनिवार
16 अक्टूबर 2021
05:48:59 बजे
शनिवार
16 अक्टूबर 2021
17:39:56 बजे
मंगलवार
19 अक्टूबर 2021
19:05:43 बजे
बुधवार
20 अक्टूबर 2021
07:43:56 बजे
शनिवार
23 अक्टूबर 2021
13:46:15 बजे
रविवार
24 अक्टूबर 2021
03:04:04 बजे
बुधवार
27 अक्टूबर 2021
10:52:54 बजे
बुधवार
27 अक्टूबर 2021
23:56:28 बजे
रविवार
31 अक्टूबर 2021
02:44:05 बजे
रविवार
31 अक्टूबर 2021
14:29:47 बजे
आज भद्रा कब तक है?

भद्रा काल (विष्टि करण) नवंबर 2021

प्रारंभसमाप्त
बुधवार
3 नवंबर 2021
09:04:50 बजे
बुधवार
3 नवंबर 2021
19:38:36 बजे
सोमवार
8 नवंबर 2021
02:49:03 बजे
सोमवार
8 नवंबर 2021
13:18:51 बजे
गुरुवार
11 नवंबर 2021
06:51:26 बजे
गुरुवार
11 नवंबर 2021
18:17:41 बजे
रविवार
14 नवंबर 2021
18:12:24 बजे
सोमवार
15 नवंबर 2021
06:42:10 बजे
गुरुवार
18 नवंबर 2021
12:02:50 बजे
शुक्रवार
19 नवंबर 2021
01:14:27 बजे
सोमवार
22 नवंबर 2021
09:10:33 बजे
सोमवार
22 नवंबर 2021
22:29:37 बजे
शुक्रवार
26 नवंबर 2021
04:44:38 बजे
शुक्रवार
26 नवंबर 2021
17:20:10 बजे
सोमवार
29 नवंबर 2021
17:00:47 बजे
मंगलवार
30 नवंबर 2021
04:16:53 बजे
आज भद्रा कब तक है?

भद्रा काल (विष्टि करण) दिसंबर 2021

प्रारंभसमाप्त
गुरुवार
2 दिसंबर 2021
20:29:12 बजे
शुक्रवार
3 दिसंबर 2021
06:45:55 बजे
मंगलवार
7 दिसंबर 2021
13:04:26 बजे
मंगलवार
7 दिसंबर 2021
23:42:50 बजे
शुक्रवार
10 दिसंबर 2021
19:11:40 बजे
शनिवार
11 दिसंबर 2021
07:07:39 बजे
मंगलवार
14 दिसंबर 2021
10:33:13 बजे
मंगलवार
14 दिसंबर 2021
23:37:59 बजे
शनिवार
18 दिसंबर 2021
07:26:35 बजे
शनिवार
18 दिसंबर 2021
20:47:45 बजे
बुधवार
22 दिसंबर 2021
03:58:17 बजे
बुधवार
22 दिसंबर 2021
16:54:54 बजे
शनिवार
25 दिसंबर 2021
20:12:05 बजे
रविवार
26 दिसंबर 2021
08:16:17 बजे
बुधवार
29 दिसंबर 2021
05:18:26 बजे
बुधवार
29 दिसंबर 2021
16:15:09 बजे
आज भद्रा कब तक है?

भद्रा कौन है?

यहां पर हम भद्रा के बारे में जानेंगे कि भद्रा कौन है? और किसलिए इनका इतना महत्व है। तो अगर बात करें धार्मिक दृष्टिकोण की तो यहां पर मान्यता है कि भद्रा भगवान सूर्य देव की पुत्री और शनि देव की बहन है। यह काफी सुंदर थी। लेकिन यह काफी कठोर स्वभाव की थी। इसलिए इनके स्वभाव को नियंत्रण में करने के लिए इनको पंचांग का एक प्रमुख अंग जोकि विष्टि कारण के रूप में मान्यता दी गई है।

हमारे ज्योतिष के अनुसार भद्रा काल सदैव अशुभ नहीं रहता है। इसलिए कुछ ऐसे भी कार्य है जो भद्रा काल में किया जा सकता है।

तो चलिए जान लेते हैं कौन से ऐसे कार्य हैं? जो भद्रा काल में नहीं किया जाता है। और वह कौन से ऐसे कार्य हैं? जो भद्रा काल में किया जा सकता है।

भद्रा काल के दौरान नही किये जाने वाले कार्य

जब भद्रा काल प्रारंभ हो तो उस समय कुछ कार्य को नहीं किया जाना चाहिए। क्योंकि उन कार्यों को करना वर्जित रहता है। तो वह कार्य हैं। कोई भी शुभ कार्य, कोई नया व्यवसाय का प्रारंभ करना, कोई शुभ यात्रा करना, अपने नये घर का गृह प्रवेश करना, और इसके साथ ही हिंदू संस्कार करना जिसमें मुंडन, विवाह आदि लगभग सभी शुभ कार्य सम्मिलित हैं। इसके साथ ही रक्षाबंधन और मांगलिक कार्य को भी नहीं किया जाता है।

भद्रा काल के दौरान किये जाने वाले कार्य

अब हम जानेंगे की भद्राकाल जब प्रारंभ हो जाता है। तब उस समय कौन से ऐसे कार्य हैं जिसको किया जा सकता है। क्योंकि इन कार्यों का प्रकृति अशुभ होता है। इसलिए इन कार्यों को किया जा सकता है। तो चलिए जानते हैं वह कौन से कार्य हैं। जो भद्रा काल के दौरान किया जा सकता है। अगर आपको किसी व्यक्ति पर मुकदमा प्रारंभ करना है, ऑपरेशन कराना है, किसी अस्त्र-शस्त्र का उपयोग करना है, और उसके साथ ही अपने शत्रु पर आक्रमण करना हो, या घोड़ा, भैंस, ऊंट से संबंधित कार्य करना हो या आग से संबंधित कार्य हो तो आप उसे भद्रा काल के दौरान प्रारंभ कर सकते हैं। यहां तक कि आप भद्रा काल के दौरान किसी स्त्री प्रसंग करना भी कर सकते हैं।

ऐसी मान्यता है कि भद्रा काल के दौरान अगर यह कार्य किए जाएं इसमें साधक को मनवांछित फल प्राप्त होता है।

अन्य अशुभ काल देखें

पंचक
भद्रा काल
राहु काल

शुभ मुहूर्त